0:00
क्या आपने कभी महसूस किया है कि आपके अंदर
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एक ऐसी ताकत छुपी है। एक ऐसा दानव जो अगर
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जाग जाए तो आपकी पूरी जिंदगी बदल सकता है।
0:11
चाहे वो करियर हो, रिश्ते हो, स्वास्थ्य
0:17
टोनी रॉबिंस अपनी किताब अवेकन द जॉइंट विद
0:20
इन की पहली ही लाइन में कहते हैं कि हम
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सबके अंदर एक अनलिमिटेड पावर है। लेकिन
0:26
ज्यादातर लोग कभी उस तक पहुंच ही नहीं
0:28
पाते। इस वीडियो में हम आपको चैप्टर वन का
0:32
पूरा सार बताएंगे असली एग्जांपल्स के साथ
0:35
और यकीन मानिए इसे सुनने के बाद आप
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समझेंगे कि एक छोटा सा फैसला भी आपकी पूरी
0:42
किस्मत को बदल सकता है।
0:46
चैप्टर वन की शुरुआत होती है एक सच्चाई
0:50
हमारी जिंदगी को हमारी परिस्थितियां नहीं
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बल्कि हमारे फैसले तय करते हैं। टॉबिन
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टोनी रॉबिंस कहते हैं कि किसी भी पल आप एक
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नया फैसला करके अपनी पूरी लाइफ का ट्रैक
1:01
बदल सकते हैं। वो एग्जांपल देते हैं रोजा
1:05
पार्कक्स का। जब उन्होंने बस में अपनी सीट
1:07
छोड़ने से मना कर दिया तो वो छोटा सा
1:10
फैसला पूरे अमेरिका के सिविल राइट्स
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मूवमेंट का कारण बन गया। या फिर लेखक वसा
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जो पोलैंड में सिर्फ एक इलेक्ट्रिशियन थे।
1:19
लेकिन उन्होंने कम्युनिज्म के खिलाफ खड़े
1:22
होने का फैसला किया और उस एक फैसले ने
1:25
पूरे देश का भविष्य बदल दिया। यानी असली
1:28
फर्क तब पड़ता है जब आप कहते हैं बस अब और
1:31
नहीं अब बदलना है। और यही पल होता है जब
1:35
आप का नया जीवन शुरू होता है। टोनी रॉबिंस
1:39
खुद भी इस बात का जीता जागता उदाहरण है।
1:43
एक समय था जब वह ओवरवेट थे एंड ही वास
1:48
ब्रोकन। उनके हालात बहुत खराब थे एंड
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मेंटल लेवल पर यानी मानसिक रूप से बहुत
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परेशान थे। लेकिन एक दिन उन्होंने तय किया
1:56
कि अब मैं इस हालत में और नहीं जी सकता।
2:01
आई कांट हैंडल इट एनी मोर। उस फैसले के
2:04
बाद उन्होंने कदम उठाने शुरू किए। सैकड़ों
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किताबें पढ़ी एंड बहुत सारे सेमिनार अटेंड
2:12
किए। सफल लोगों से इंस्पिरेशन ली। उनसे
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शरीर बदला। वो मोटे से पतले हुए। करियर
2:22
में चेंज आया। पैसा उनके पास आया और
2:26
दुनिया आज उन्हें एक मोटिवेशनल स्पीकर के
2:29
रूप में जानने लगी है। एंड वर्ल्ड्स नंबर
2:32
वन मोटिवेशनल स्पीकर। और याद रखिए यह सब
2:35
एक ही फैसले से शुरू हुआ था।
2:38
यहां एक और जरूरी बात है। टोनी कहते हैं
2:41
कि सिर्फ बड़े फैसले ही नहीं बल्कि
2:43
छोटे-छोटे रोज के फैसले भी आपकी किस्मत
2:45
बना बताते बनाते हैं। जैसे कि नाश्ते में
2:49
क्या खाना है? वर्कआउट करना है या नहीं?
2:52
गुस्से में कैसे रिएक्ट करना है? फोन
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उठाकर कॉल करना है या नहीं? और इन छोटे
2:57
चुनावों से आपकी जिंदगी का रास्ता बनता
2:59
है। वो एक प्लेन का उदाहरण देते हैं। अगर
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लॉस एंजेलिस से उड़ान भरने वाला प्लेन
3:05
अपनी दिशा सिर्फ 2 डिग्री बदल दे तो
3:08
न्यूयॉर्क पहुंचने की बजाय वाशिंगटन डीसी
3:10
या कहीं और पहुंच जाएगा। ठीक इसी तरह रोज
3:13
के छोटे-छोटे फैसले हमें हमारी मंजिल से
3:16
बहुत दूर या बहुत पास ले जा सकते हैं।
3:19
लेकिन सवाल ये है अगर फैसले इतने ताकतवर
3:22
हैं तो ज्यादातर लोग फैसला क्यों नहीं
3:24
करते? सो इसके पीछे टोनी की जो फिलॉसफी है
3:27
उसमें तीन बड़े रीज़ंस जुड़े हैं। पहला फियर
3:31
ऑफ अननोन यानी अज्ञात का डर। लोग डरते हैं
3:36
कि अगर बदलाव किया तो आगे क्या होगा? लोग
3:39
अपने आसपास एक कंफर्ट ज़ोन बना लेते हैं और
3:42
उनको लगता है कि उसके बाहर की जो दुनिया
3:44
है वो अननोन है और वहां जाकर क्या होगा?
3:50
फियर ऑफ फेलियर जिसे हम कहते हैं असफलता
3:53
का डर। लोग सोचते हैं कि अगर कोशिश की और
3:57
हार गए तो क्या होगा? तीसरा सुविधा का
4:04
तो इसमें क्या है कि जहां जिंदगी तकलीफ दे
4:09
लेकिन कम से कम जानी पहचानी तो है उनको यह
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लगता है तो वो सुविधाओं में इतना उलझ जाते
4:16
हैं कि उनको लगता है कि अगर थोड़ी तकलीफ
4:19
भी है वो सहन कर लेंगे पर बदलाव नहीं लेके
4:22
आएंगे क्योंकि बदलाव के बाद क्या होगा
4:26
लेकिन द ट्रुथ इज सच ये है कि अगर आप कोई
4:31
डिसीजन नहीं लेते मतलब फैसला ना करना भी
4:37
सो इफ यू डू नॉट डू एनीथिंग आप कुछ नहीं
4:40
करते तो आप अपनी किस्मत को जैसा चल रहा है
4:46
वैसा रहने दो का फैसला दे चुके हैं। तो
4:49
ऐसे केस में यू विल गेट थिंग्स बाय चांस।
4:53
कि अपने आप लॉटरी लग गई या कुछ हो गया,
4:55
कुछ चमत्कार हो गया तो हो जाए। यू वोंट
5:00
और चांस लगेगा या नहीं लगेगा कोई गारंटी
5:06
अब टोनी बताते हैं कि हर वक्त हम तीन
5:09
बुनियादी फैसले लेते हैं। पहला किस पर
5:13
ध्यान देना है? मतलब वेयर टू फोकस। क्या
5:16
आप समस्याओं पर ध्यान देते हैं या
5:18
संभावनाओं पर? दूसरा किस चीज का क्या मतलब
5:22
निकालना है? क्या एक चुनौती जो एक चैलेंज
5:26
आपके पास आया है वो क्या आपके लिए सजा है
5:34
अब नॉर्मल लोग कुछ नया काम उनकी कंपनी में
5:40
उनको कोई बॉस दे देता है। कोई नई चीज
5:42
सीखने को कहता है तो काफी लोग तो उसको
5:47
पर कई लोग होते हैं जो उसको एक
5:50
ओपोरर्चुनिटी समझते हैं कि यार मे बी एक
5:53
नया सीखने का मौका है। शायद इससे मैं नया
5:56
स्किल सीख जाऊं तो शायद ये मेरी जिंदगी
5:58
में बहुत बड़ा बदलाव ले आए। तो किस चीज का
6:01
क्या मतलब निकालना है ये आप पर बहुत
6:03
डिपेंड करता है। तीसरा क्या करना है?
6:07
सो इसमें अब आपके ध्यान और अर्थ के हिसाब
6:10
से आप कदम उठाते हैं या टालते हैं।
6:16
सो ये भी पूरा आप पे डिपेंड करता है। तो
6:18
वो उदाहरण देते हैं कि दो लोग जो है वो
6:22
अपनी नौकरी खोते हैं सेम टाइम पे। मान
6:24
लेते हैं कोरोना का टाइम है। दो लोगों की
6:26
नौकरी चली गई। पहला सोचता है यार मैं
6:29
बेकार हूं और मैं हार मान लेता हूं। मैं
6:31
निकम्मा हूं इसलिए मेरी नौकरी गई है। और
6:34
दूसरा क्या सोचता है? चल यार वो नौकरी गई।
6:37
अभी एक नई ओपोरर्चुनिटी है। अब मैं कुछ
6:40
नया करता हूं और नए तरीके से करता हूं। मे
6:43
बी आई विल बी मोर सक्सेसफुल। मेरे को
6:45
ज्यादा सक्सेस मिल जाए। सो सरकमस्टसेस एक
6:49
ही है। एक ही घटना हुई है दोनों के साथ।
6:51
बट दो अलग-अलग किस्मत है। एक ने सरेंडर कर
6:54
दिया और एक ने अपने आप को सशक्त बना लिया।
6:57
सो यहां पे फर्क किसका है? फर्क सिर्फ
6:59
डिसीजंस का है। फैसलों का है कि आपने क्या
7:04
अब टोनी एक और एग्जांपल देते हैं। हार्व
7:07
ह्यूज वो एक अरबपति है। तो दुनिया का यू
7:11
नो ही हैज़ प्लेंटी ऑफ़ वेल्थ। बेशुमार दौलत
7:15
है। फिर वो दुखी है। और वो अकेले मर गए।
7:19
क्यों? क्योंकि ह डिसीजंस वर रोंग। उनके
7:25
उन्होंने जो अपना ध्यान है वह जर्म्स और
7:32
और उनको यह लगा कि जो दुनिया है वो बहुत
7:34
खतरनाक है। और फिर उन्होंने दुनिया को
7:38
अपने आप को दुनिया से अलग कर लिया। नतीजा
7:42
ही हैड अनलिमिटेड रिसोर्सेज। ढेरों संसाधन
7:44
उनके पास थे। फिर भी जिंदगी खाली और
7:47
निराशाजनक। यू नो फुल ऑफ स्ट्रेस एंड
7:56
प्रॉब्लम इज नॉट कि आपके पास पैसा है या
7:59
नहीं। आपके पास साधन है या नहीं। बात है
8:03
डिसीजंस की। यही वो डिसीजन लेते हैं कि
8:05
यार मेरे पास पैसा है। इससे मैं लोगों को
8:07
सर्व करूं। लोगों की हेल्प करूं। अपने
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दोस्तों की हेल्प करूं। आप किसी की हेल्प
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करोगे तो कोई आपकी हेल्प करेगा। तो इसी से
8:17
ओके। आगे टोनी कहते हैं कि फैसला वही है
8:20
जिसके जिसमें आप बाकी सारे विकल्प काट
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लेते हो। मतलब फैसला वही है डिसीजन वही है
8:26
जिसमें आप बाकी ऑप्शंस को खत्म कर देते हो
8:28
और आप डिसाइड करते हो मैंने अब इस रास्ते
8:30
पे चलना है। सो अगर आप हिस्ट्री में जाएं
8:33
तो कई बड़े लोगों ने ऐसे डिफाइनिंग
8:35
डिसीजंस लिए हैं। कर्नल सेंडस। सो
8:39
उन्होंने 65 साल की उम्र में अब वो केएफसी
8:42
जब आप देखते हो एक अंकल जी की फोटो लगी
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होती है। तो ही इज़ कर्नल सैंडस। अब
8:47
उन्होंने 65 साल की उम्र में तो जिस टाइम
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पे बंदा सोच लेता है कि भाई अब तो पूजा
8:52
पाठ ही करूंगा अब मेरे को भरोसा नहीं है
8:54
कि मेरे कितने साल है। तो उस ऐज में
8:59
उन्होंने अपनी चिकन रेसिपी से दुनिया
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जीतने का सोचा और वहीं से केएफसी बना जो
9:06
उनके जाने के बावजूद भी अभी भी यू नो इट्स
9:08
ग्रोइंग बाय लीप्स एंड बाउंड्स। बड़े अच्छे
9:10
अच्छे से वो चेन ग्रो कर रही है, चल रही
9:12
है। दूसरा एग्जांपल हमारे राष्ट्रपिता
9:14
महात्मा गांधी तो उन्होंने तय कर लिया कि
9:17
जी इंडिया को आजादी दिलानी है विद नॉन
9:20
वायलेंस और यू नो मिलियंस मिलियंस ऑफ पीपल
9:24
जॉइ हिम। तो करोड़ों लोगों ने उनसे
9:27
प्रेरणा ली और उनके साथ चले।
9:31
अब जो हमारी लाइफ है उसमें भी हमें ऐसे
9:34
डिफाइनिंग एंड इनफॉर्म डिसीजंस लेने होते
9:37
हैं। शादी करना। अब ये भी एक डिफाइनिंग
9:41
डिसीजन है। किससे करनी है। ठीक है ना?
9:44
बिजनेस शुरू करना। अब बिजनेस आप अपने लिए
9:48
नहीं शुरू करती। इससे आपका पूरा इकोसिस्टम
9:52
चलता है। आपकी फैमिली भी आपके बिनेस के
9:54
अकाउंट रिवॉल्व करती है। तो ये भी एक बहुत
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बड़ा डिसीजन है। एक सिटी से दूसरी शिफ्ट
9:59
सिटी शिफ्ट करना दैट इज़ आल्सो अ डिफाइनिंग
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डिसीजंस। या कोई बुरी आदत छोड़ना ये भी एक
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डिफाइनिंग डिसीजन है। और ये सब डिसीजंस
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हमें नया रास्ता देते हैं।
10:15
तो टोनी का कहना है कि फैसले हमारे जो
10:19
स्टैंडर्ड्स है वो भी तय करते हैं।
10:22
सो इफ यू वांट टू ब्रिंग चेंज इन योर लाइफ
10:25
अगर आप अपनी जिंदगी बदलना चाहते हैं तो
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अपने ना स्टैंडर्ड्स अपने बेंचमार्क्स
10:30
बदलो। जैसे अगर यू नो आपने डिसाइड कर लिया
10:34
कि किसी भी हालत में अपनी सेहत गिरने नहीं
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देंगे तो उस केस में आप फिट रहने के तरीके
10:42
आपने बना लिया कि यार यह मेरा ना मेरा वेट
10:45
70 से कम मैंने जाने नहीं देना।
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इसको 80 के नीचे ही रखना है तब दोनों
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तरीके में आप फिटनेस का तरीका निकाल ही
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लोगे क्योंकि ओवरवेट रहना भी प्रॉब्लम है
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अंडरवेट रहना भी प्रॉब्लम है। सेकंडली अब
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आपने डिसाइड कर लिया है कि अब मैं गरीब
11:09
नहीं रहूंगा। अब मैंने अमीर बनना ही बनना
11:11
है। तो पैसा बनाने के तरीके आप निकालोगे
11:16
ही निकालोगे। बिकॉज़ आपने अपने अंदर डिसाइड
11:18
कर लिया है। तो आपने अपना एक स्टैंडर्ड यू
11:20
नो यू सेट अ स्टैंडर्ड कि नाउ आई वोंट बी
11:23
पुअर। मैं गरीब नहीं रहूंगा। मैंने अमीर
11:24
बनना है। तो आप रास्ते निकालोगे ही
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निकालोगे। तो टोनी खुद कहते हैं कि एक बार
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उन्होंने फैसला लिया कि अब वो गरीबों या
11:33
गरीबी में नहीं रहेंगे। गरीबों में नहीं
11:35
गरीबी में नहीं रहेंगे। नाउ ही विल बिकम
11:40
सो यही फैसले जो उन्होंने लिया उसने
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उन्हें जो भी उन्होंने आगे सीखा काम किया
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और बिनेस बनाया वो इस एक फैसले की वजह से
11:49
बनाया बिकॉज़ डिसाइड कर लिया कि नहीं यार
11:51
इनफ इज़ इनफ। अब यह मेरे से जिंदगी नहीं जी
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जाती। मैं तो अमीर बनना है। अब उस हिसाब
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से उनके फिर आगे उस फैसले ने उसकी जिंदगी
11:59
में बहुत बड़ा चेंज लाया।
12:02
एंड जो सबसे इंस्पिरेशनल हिस्सा है जो
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चैप्टर वन का वो यह है कि आपकी पूरी की
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पूरी लाइफ एक पल में बदल सकती है। मतलब
12:13
ऐसा कुछ नहीं होगा कि बहुत बड़ा कुछ होगा
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तो उसके बाद आपकी लाइफ बदलेगी। बस वन
12:19
सेकंड कैन चेंज योर लाइफ। एक किसी नए बंदे
12:23
से मिलना, नई ओपोरर्चुनिटी से मिलना, नया
12:25
ख्यालात आना, नया माइंड में आईडिया आना वो
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एक पल में आपकी जिंदगी बदल सकता है।
12:32
मार्टिन लूथर किंग जूनियर का एग्जांपल है।
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जब उन्होंने कहा आई हैव अ ड्रीम वो एक
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डिफाइनिंग मोमेंट था। इसी तरह आपके जीवन
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में भी ये पल आ सकता है। शायद अभी आ जाए
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जब आप ये वीडियो देख रहे हो सोच रहे हो और
12:48
अब आप एक नया फैसला कर लो आज ही मे बी
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अपनी हेल्थ सुधारने का रिलेशनशिप्स को ठीक
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करने का पैसा बनाने का और वही फैसला आपका
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एंड एंड में इसको कंक्लूड करते हैं। अब जो
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की पॉइंट्स हैं इस चैप्टर के वो ये है कि
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आपकी किस्मत जो है इट डजंट डिपेंड अपॉन
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योर सरकमस्ट्ससेस। आपके हालातों पे डिपेंड
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नहीं करती। आपके फैसले तय करते हैं कि
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आपकी जो किस्मत क्या होने वाली है। सो हर
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वक्त आप तीन फैसले लेते हो। पहला फोकस
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कहां केंद्रित करना है? मतलब ध्यान कहां
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लगाना है। दूसरा किस चीज का क्या मतलब
13:26
निकालना है? अब चीज अच्छी हो रही है, बुरी
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हो रही है वो आपके माइंडसेट पे डिपेंड
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करती है। तो आपने किसी चीज का क्या मतलब
13:31
निकालना है वो भी आपको पता चल जाएगा। और
13:34
क्या करना है? व्हाट यू वांट टू डू इन
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लाइफ? तो ये तीन फैसले होते हैं। तो जब आप
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छोटे-छोटे फैसले लेते हो वो मिलके बड़ी
13:43
एंड रियल फैसला असली फैसला वही है जिससे
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बाकी सारे रास्ते काट दिए जाते हैं। मतलब
13:50
आप अभी एक ऑप्शन डिसाइड कर लेगी कि यार अब
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मैंने बिज़नेस करना है तो फिर दिमाग में
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अगर आप जॉब भी घुमा रहे हो। ठीक है ना? तो
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वो नहीं चलेगा। फिर अगर तो फैसला लो और
13:59
बाकी सारे रास्ते काट लो।
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और लास्ट बट नॉट द लीस्ट ये याद रखिए कि
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सिर्फ एक पल का फैसला आपकी पूरी जिंदगी
14:08
में धमाकेदार चेंज ला सकता है। सो एट द
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एंड ऑफ़ द चैप्टर टोनी रॉबिनस हमें चुनौती
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देते हैं कि वो फैसला जो है वो आज ही
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कीजिए जिसे आप महीनों या सालों से डाल रहे
14:24
हो। YouTube चैनल स्टार्ट करना है तो आज
14:26
ही फैसला लो और आज ही वीडियो रिकॉर्ड कर
14:29
दो, ऑडियो रिकॉर्ड कर दो, डाल दो। माइक
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नहीं है कोई बात नहीं। मोबाइल का माइक यूज़
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कर लो। मोबाइल का कैमरा यूज़ कर लो पर कर
14:35
लो। एक्सरसाइज करनी है तो जरूरी नहीं है
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जिम ज्वाइन करना है। घर पे 10 पुश अप
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मारो, स्टार्ट करो। 10 नहीं बचते। दो मारो
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बट स्टार्ट करो। क्योंकि फैसला ही किस्मत
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बदलेगा। सोचते रहोगे कुछ नहीं होगा।
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सो फ्रेंड्स अब आप बताइए वो कौन सा फैसला
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है जिसने जिसे आप लंबे समय से पोस्टपोन कर
15:00
और आज आप उसको कर लो तो जिंदगी बदल सकती
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है अब ये कमेंट बॉक्स में लिखो एंड आपके
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कमेंट से और लोग भी यू नो इंस्पायर होंगे
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एंड दिस इज माय गारंटी आई आंसर ईच एंड
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एव्री कमेंट एंड वीडियो तो आपको अच्छा लगा
15:15
ही होगा क्योंकि आपको इतनी अच्छी इनफेशन
15:16
मिल रही है तो इसको लाइक करो करो
15:18
सब्सक्राइब करो और अगले आने वाले वीडियो
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में हम चैप्टर टू को डिस्कस करेंगे डिटेल
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में समझेंगे। तो प्लेलिस्ट बना रहा हूं
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प्लेलिस्ट को फॉलो कीजिए। एंड एंड में याद
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रखिए आपकी किस्मत आपके फैसलों से बनती है
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ना कि परिस्थितियों से। धन्यवाद।